Текст песни
जीवलगा खिन्न का का हे
जीवलगा खिन्न का का हे
काळाचे चक्र फिरेल
काळाचे चक्र फिरेल संपेल रात्र संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
काळाचे चक्र फिरेल
काळाचे चक्र फिरेल संपेल रात्र संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
जाळीत दिशांना वाहे जणू काळोखाचा लाव्हा
जाळीत दिशांना वाहे जणू काळोखाचा लाव्हा
अंधार सागराला या जणू कोठे पैल नसावा
गाभ्यात परी तिमिराच्या
गाभ्यात परी तिमिराच्या तेजाचा कोंब फुटेल
संपेल रात्र संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
काळाचे चक्र फिरेल
काळाचे चक्र फिरेल संपेल रात्र संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
घर सोडून जाता पक्षी वठलेला उरतो माळ
घर सोडून जाता पक्षी वठलेला उरतो माळ
कंगाल पोरकी झाडे वर रीते रीते आभाळ
परी ओसाडीतून हिरवे
परी ओसाडीतून हिरवे चाहूल पुन्हा उगवेल
संपेल शिशिर संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
ऋतु रंग पुन्हा बदलेल
ऋतु रंग पुन्हा बदलेल संपेल शिशिर संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
संकटे ना अपुल्या हाती सोसणे आपुले काम
संकटे ना अपुल्या हाती सोसणे आपुले काम
प्रितीच होई आधार प्रितीच खरा विश्राम
स्वर जागा होईल फिरुनी
स्वर जागा होईल फिरुनी मन पुन्हा नवे होईल
प्रीतीची साथ असेल
जीवलगा खिन्न का का हे
प्रीतीची साथ असेल
प्रीतीची साथ असेल
संपेल रात्र संपेल
जीवलगा खिन्न का का हे
Перевод песни
Почему жизнь грустна? Поднимется
Зима закончится
Почему душа грустит?
Время года снова изменит свой цвет
Время года снова изменит свой цвет
Зима закончится
Почему душа грустит?
Не передавай свою работу в руки других
Не передавай свою работу в руки других
Любовь — это опора, любовь — это истинный покой
Голос проснётся и оживёт
Голос проснётся и оживёт, разум снова станет новым
Любовь будет с тобой
Почему душа грустит?
Любовь будет с тобой
Ночь закончится
Почему душа грустит?
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